गर्भवती मुस्लिम महिला पर हमला; गिरफ्तार आरोपी ने इस्लाम विरोधी नारेबाजी भी की

Sat, 23 Nov 2019 06:31:16 GMT

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38 हफ्तों की गर्भवती महिला पर बुधवार को हुआ था हमला

वारदात के वक्त इस्लाम विरोधी बातें कर रहा था आरोपी

Dainik Bhaskar Nov 23, 2019, 12:01 PM IST

इंटरनेशनल डेस्क. ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में गर्भवती महिला पर हुए हमले के बाद वहां की प्रमुख इस्लामिक संस्था ने इसे 'इस्लामोफोबिया' से प्रेरित बताया है। संस्था के मुताबिक हमले के वक्त आरोपी इस्लाम विरोधी और नफरत फैलाने वाली टिप्पणियां कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।

बुधवार को हुई इस घटना का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसमें तीन महिलाएं एक कैफे में सिर पर स्कार्फ बांधकर बैठी हुई दिख रही हैं। तभी 43 साल का आरोपी वहां पहुंचता है और बिना किसी उकसावे के एक महिला पर हमला कर देता है। आरोपी बेहद गुस्से में महिला पर लगातार कई घूसे बरसाता है, जिससे वो जमीन पर गिर जाती है। फिर वो उसे पैर से भी मारता है। इसके बाद लोग उसे पकड़ लेते हैं। पुलिस के मुताबिक पीड़िता की उम्र 31 साल है और वो 38 हफ्तों की गर्भवती है।

A heavily pregnant Muslim woman was brutally attacked, repeatedly punched and stomped in the head by a man in a #Sydney cafe.

The Police say the attacker was screaming anti-#Islam slurs at the women who were all wearing head scarves.#Australia #Islamophobia #Parramatta #Hijab pic.twitter.com/PvuwBpFvos — DOAM (@doamuslims) November 21, 2019

इस्लाम विरोधी बातें कह रहा था हमलावर

इस मामले में एएफआईसी (ऑस्ट्रेलियन फेडरेशन ऑफ इस्लामिक काउंसिल्स) ने गुरुवार को आरोप लगाते हुए इस हमले को इस्लामोफोबिया से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि हमले के दौरान आरोपी पीड़िता और उसकी दोस्तों के सामने इस्लाम विरोधी और नफरत फैलाने वाली बातें कह रहा था। संस्था के अध्यक्ष रातेब जुनैद ने कहा, 'स्पष्ट रूप से ये नस्लभेदी और इस्लामोफोबिक हमला था और हम उम्मीद करते हैं कि इसमें इसी नजरिये से कार्रवाई की जाएगी।' आगे उन्होंने कहा, 'कुछ विशेष लक्ष्य हासिल करने के लिए इस्लामोफोबिया को बनाया गया है।'

पुलिस ने नहीं होने दी आरोपी की जमानत

वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शारीरिक हमला करने और नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है, साथ ही उसे जमानत देने से भी इनकार कर दिया गया है। इस मामले में फिलहाल हमले की वजह सामने नहीं आई है और ना ही इसे लेकर पुलिस ने कोई टिप्पणी की है। हालांकि उसने आरोपी को खिलाफ अतिरिक्त आरोप लगाने की संभावना को खुला रखा है। इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस इंस्पेक्टर ल्युक सिवेंकिज ने कहा, 'अगर वहां मौजूद लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए महिला को बचाने की कोशिश ना की होती तो पीड़िता को और भी गंभीर चोटें लग सकती थीं।' हमले के बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया था, जहां से बाद में उसे छुट्टी दे दी गई।

'हेडस्कार्फ' हमले की प्रमुख वजह

चार्ल्स स्टर्ट यूनिवर्सिटी के एक शोध में पाया गया कि ऑस्ट्रेलिया में इस्लामोफोबिया एक निरंतर चलने वाली स्थिति रही है। खासकर सिर पर स्कार्फ बांधने वाली महिलाओं को इसमें विशेष खतरा रहता है। शोध में पाया गया कि शारीरिक हमले या उत्पीड़न का शिकार रहीं 113 महिलाओं में से 96 प्रतिशत ने हेडस्कार्फ पहना हुआ था।

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