एलवीएमएच ग्रुप 1.16 लाख करोड़ रु में अमेरिका की 182 साल पुरानी ज्वेलरी कंपनी टिफनी को खरीदेगा

Mon, 25 Nov 2019 10:42:04 GMT

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Dainik Bhaskar Nov 25, 2019, 04:12 PM IST

टिफनी की शुरुआत न्यूयॉर्क में 1837 में हुई थी। 1961 में आई फिल्म ब्रेकफास्ट एट टिफनी में भी इसके बारे में बताया गया। कंपनी के प्रोडक्ट की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले ब्लू बॉक्स इसकी खास पहचान हैं। दुनियाभर में कंपनी के 300 स्टोर और 14 हजार कर्मचारी हैं। पिछले कुछ सालों में टिफनी की बिक्री में कमी आई है। 2015 से बिक्री और मुनाफे में कमी आने लगी, हालांकि 2017 में रेवेन्यू में इजाफा हुआ था। कंपनी को युवाओं को आकर्षित करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। अमेरिका-चीन के बीच चल रहे ट्रेड वॉर की वजह से भी मुश्किलें बढ़ी हैं।

टिफनी को खरीदने से एलवीएमएच की ज्वेलरी बिजनेस में पहुंच बढ़ेगी। एलवीएमएच के पास ज्वेलरी ब्रांड बुल्गारी और घड़ियों का ब्रांड टैग ह्युर पहले से हैं। हालांकि, इस डिविजन की कुल रेवेन्यू में हिस्सेदारी सिर्फ 9% है। टिफनी के अफोर्डेबल प्रोडक्ट्स से उसे ग्राहक बढ़ने की उम्मीद है। एलवीएमएच के पास क्रिश्चियन डायर, फेंडी और लुइस वेटन समेत कुल 75 ब्रांड हैं। ग्रुप के 4,590 स्टोर और 1.56 लाख कर्मचारी हैं।

एलवीएमएच का 25% रेवेन्यू अमेरिका से आता है बीते वित्त वर्ष में एलवीएमएच ग्रुप का रेवेन्यू 10% बढ़कर 50 अरब डॉलर (3.58 लाख करोड़ रुपए) रहा, जबकि टिफनी का 6.53% इजाफे के साथ 4.44 अरब डॉलर (31,839 करोड़ रुपए) रहा। टिफनी को खरीदने से एलवीएमएच को अमेरिका में विस्तार करने में भी मदद मिलेगी। कंपनी के रेवेन्यू में अमेरिका की सिर्फ एक चौथाई हिस्सेदारी है, जबकि टिफनी को वहां से 40% रेवेन्यू मिलता है। टिफनी चीन में कारोबार बढ़ाने में भी कामयाब रही। कंसल्टेंसी फर्म बेन एंड कंपनी के मुताबिक लग्जरी इंडस्ट्री में पिछले साल ज्वेलरी का काफी अच्छा प्रदर्शन रहा। 20 अरब डॉलर (1.43 लाख करोड़ रुपए) की ग्लोबल ज्वेलरी इंडस्ट्री में इस साल 7% ग्रोथ की उम्मीद है।

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